Thursday, 18 February 2016

Kavita

हाथों में हमदम का हाथ हो तनहा सफ़र और चांदनी रात हो तेरी मेरी मुलाकात में बारिश का भी साथ हो और दिल कहे तुझे थाम के जो अबvतक ना कहा वो कह जाऊंvसजदे में तेरे झुक जाऊँ तेरी गोद में रख के सिर को थोड़ी देर मुस्का जाऊँऔर तू देख प्यार से कह जाये मेरी ज़िन्दगी को पूरा कर देशामिल होकर मुझ मेँ ताकि ज़िन्दगी हँस के कह दे तेरा प्यार तेरा हुआ कहके गले वो लग जाये ख्वाब मेरा सच हो जाये दीवाना बन मैं भी चिल्लाऊ

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